संक्षिप्त जीवन परिचय: रामनिवास रैगर
रामनिवास रैगर (सांतोलिया)
जन्म एवं पारिवारिक पृष्ठभूमि:
श्री रामनिवास रैगर का जन्म 4 नवंबर 1961 को राजस्थान के अलवर जिले की तहसील थानागाजी के ग्राम मुंडावरा में एक साधारण परिवार में हुआ। आपकी माता श्रीमती चन्दो देवी और पिता श्री सोहनलाल सांतोलिया थे। जब आप 11वीं कक्षा में थे, तभी आपके पिता का देहांत हो गया। पिता की अंतिम सीख थी— “तुम्हें जीवन की इस नदिया से पार उतरना है।” इस मंत्र को अपनाकर आपने हर कठिनाई का हिम्मत से सामना किया।
श्री रामनिवास रैगर का जन्म 4 नवंबर 1961 को राजस्थान के अलवर जिले की तहसील थानागाजी के ग्राम मुंडावरा में एक साधारण परिवार में हुआ। आपकी माता श्रीमती चन्दो देवी और पिता श्री सोहनलाल सांतोलिया थे। जब आप 11वीं कक्षा में थे, तभी आपके पिता का देहांत हो गया। पिता की अंतिम सीख थी— “तुम्हें जीवन की इस नदिया से पार उतरना है।” इस मंत्र को अपनाकर आपने हर कठिनाई का हिम्मत से सामना किया।
व्यावसायिक उपलब्धियाँ:
आपने बैंकिंग क्षेत्र में एक लंबा और गौरवशाली करियर बनाया। नवंबर 2021 में आप पंजाब नेशनल बैंक (PNB), जयपुर से मुख्य प्रबंधक (Chief Manager) के पद से सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हुए।
आपने बैंकिंग क्षेत्र में एक लंबा और गौरवशाली करियर बनाया। नवंबर 2021 में आप पंजाब नेशनल बैंक (PNB), जयपुर से मुख्य प्रबंधक (Chief Manager) के पद से सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हुए।
सामाजिक एवं संगठन योगदान:
- वर्ष 1984 से ही आप बैंकिंग क्षेत्र में अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी संगठनों में सक्रिय रहे।
- आपने ‘अखिल भारतीय अनु. जाति/जनजाति बैंक एम्प्लाइज फेडरेशन’ में दिल्ली प्रदेश के उपाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभाई।
- संसदीय समिति के समक्ष बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित होकर उनके हितों की पुरजोर वकालत की।
साहित्यिक एवं आध्यात्मिक यात्रा:
- आध्यात्मिक: मई 2001 में आपने ‘उदासीन पंथ’ के गुरु श्री श्री 1008 श्री गिरधारी दास जी महाराज (तालवृक्ष, मुंडावरा) से दीक्षा ग्रहण की। वर्ष 2006 में आपने अलवर में “निर्वाण आश्रम” की स्थापना की।
- साहित्यिक कृतियाँ: आपकी प्रमुख रचनाओं में ‘शाश्वत’, ‘जागेगा इंसान’, ‘रैगर समाज एक समग्र चिंतन’, ‘रैगर वंश एक सिंहावलोकन’, ‘रैगर समुदाय के वास्तविक गोत्र’, ‘रैगर वंश का वृहद इतिहास’, ‘गुरु महिमा सुधा’, और कथा काव्य ‘व्यथित बैल’ शामिल हैं।
- आपने 5,000 से अधिक पुस्तकें अखिल भारतीय स्तर पर निःस्वार्थ भाव से वितरित की हैं और 15 विभिन्न स्थानों पर पुस्तक प्रदर्शनियाँ आयोजित की हैं।
संस्थापक पद:
- संस्थापक अध्यक्ष: रैगर कला, साहित्य एवं संस्कृति परिषद् (पंजीकृत)
- सह-संस्थापक: आत्मज्ञान पब्लिकेशन एंड फाउंडेशन (पंजीकृत)
- संस्थापक अध्यक्ष: प्रांजल साहित्य अकादमी, राजस्थान (अनुसूचित जाति के साहित्यकारों की संस्था)
संपर्क विवरण:
- पता: 77/84, अरावली मार्ग, मानसरोवर, जयपुर – 302020
- संपर्क सूत्र: 7087174993
आप व्यक्तिगत प्रशंसा से दूर रहकर समाज के साहित्य निर्माण और जन-जागरूकता के लिए निरंतर सक्रिय हैं।